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आचार्य आयुर्वेदा

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Hemant Kumar May 31, 2024

त्रिफलादि क्वाथ: बार-बार मूत्र त्याग (बहुमूत्र) का आयुर्वेदिक उपचार

त्रिफलादि क्वाथ और बार-बार मूत्र त्याग के लाभ

बार-बार मूत्र त्याग (बहुमूत्र) एक सामान्य समस्या है जिसे आयुर्वेद में त्रिफलादि क्वाथ से उपचारित किया जा सकता है। इस क्वाथ के निर्माण और उपयोग की विधि को यहां विस्तार से समझाया गया है।

### त्रिफलादि क्वाथ के घटक

1. हरड़ (Terminalia chebula)
2. बहेड़ा (Terminalia bellirica)
3. आंवला (Emblica officinalis)
4. बांस के पत्ते (Bamboo leaves)
5. नागरमोथा (Cyperus rotundus)
6. पाठा (Cissampelos pareira)

### त्रिफलादि क्वाथ बनाने की विधि

1. सभी छह द्रव्यों को समान मात्रा में लेकर उनका जौकुट (मोटा) चूर्ण बना लें।
2. रात्रि के समय 10 से 20 ग्राम इस चूर्ण को एक कप पानी में भिगो दें।
3. सुबह इस मिश्रण को उबालें और छान लें।
4. इसे ठंडा होने दें और फिर इसमें 6 ग्राम शहद मिलाकर सेवन करें।

### त्रिफलादि क्वाथ के लाभ

त्रिफलादि क्वाथ विशेष रूप से मूत्र प्रणाली के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। इसमें मौजूद हरड़, बहेड़ा, आंवला, और अन्य जड़ी-बूटियाँ मूत्र त्याग की समस्या को कम करने में सहायक होती हैं।

- हरड़: पाचन को सुधारता है और शरीर से विषैले पदार्थों को निकालने में मदद करता है।
- बहेड़ा: मूत्राशय को स्वस्थ रखता है और मूत्र मार्ग की समस्याओं को कम करता है।
- आंवला: एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर, यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है।
- बांस के पत्ते: मूत्र संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं।
- नागरमोथा: पाचन और मूत्र प्रणाली के लिए लाभकारी होता है।
- पाठा: यह मूत्राशय को स्वस्थ रखता है और संक्रमण से बचाता है।

### त्रिफलादि क्वाथ का सेवन

- मात्रा: 10 से 20 ग्राम चूर्ण का उपयोग करें।
- समय: रात में इसे भिगोकर सुबह सेवन करें।
- शहद: 6 ग्राम शहद मिलाकर पिएं।

### निष्कर्ष

त्रिफलादि क्वाथ बहुमूत्र की समस्या को प्राकृतिक और आयुर्वेदिक तरीके से ठीक करने में सहायक है। इसे नियमित रूप से सेवन करने से मूत्र प्रणाली की समस्याओं में राहत मिलती है और समग्र स्वास्थ्य में सुधार होता है।

अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और इसका उद्देश्य पेशेवर चिकित्सा सलाह को प्रतिस्थापित करना नहीं है। किसी भी नए हर्बल या उपचार योजना को शुरू करने से पहले हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य देखभाल विशेषज्ञ से परामर्श करें।

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