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आचार्य आयुर्वेदा

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Hemant Kumar May 15, 2024

धातुपौष्टिक चूर्ण: धातुपोषण का शक्तिशाली स्रोत

धातुपौष्टिक चूर्ण: धातुपोषण का शक्तिशाली स्रोत

परिचय: धातुपौष्टिक चूर्ण धातुओं को पुष्ट करने के लिए निर्मित एक प्रमुख आयुर्वेदिक उत्पाद है। यह शतावरी, अश्वगंधा, मुंजातक, और अन्य उत्तम धातुपोषक द्रव्यों से युक्त है, जो शरीर को सार्वदैहिक बल और चुस्ती प्रदान करने के साथ-साथ सप्तधातुओं को उत्तम स्थिति में रखने में मदद करते हैं।

उपयुक्तता: धातुक्षय, कार्श्य (दुबलापन), अग्निमांद्य, शुक्रक्षय, वंध्यत्व, जीर्ण व्याधि के बाद उत्पन्न होने वाली स्थितियों में उपयोगी है।

घटक द्रव्य:

  • शतावरी, गोक्षुर, बला, वंश, कंकोल, मधुस्नुहि, मुशली, तालमूली, शुण्ठी, मरिच, पिप्पली, मुंजातक, विदारी, कमलगट्टा, अश्वगंधा, त्रिवृत्, शर्करा 

मात्रा और अनुपान: 1/2 से 1 चम्मच (3 से 6 ग्राम), दिन में 2 बार, दूध या कोष्ण जल के साथ।

अधिक जानकारी: धातुपौष्टिक चूर्ण एक उत्कृष्ट आयुर्वेदिक उपाय है जो धातुओं को पुष्ट करता है और शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। इसके उपयोग से संबंधित अधिक जानकारी के लिए हमारे विस्तृत ब्लॉग को पढ़ें।

ध्यान दें: यह उपचार चिकित्सा सलाह के बिना न किया जाए, और किसी भी नई चिकित्सा या उपचार की शुरुआत से पहले एक पेशेवर चिकित्सक से परामर्श किया जाना चाहिए।

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